मैं पर्वत हूँ मगर मैं एक वादी छोड़ आया हूँ मुहब्बत में तिरे मैं शाह-ज़ादी छोड़ आया हूँ
Related Sher
तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं एक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
Qateel Shifai
125 likes
सुहागन भी बता देगी मगर तुम पूछो विधवा से ये मंगलसूत्र ज़ेवर के अलावा भी बहुत कुछ है ये क्या इक मक़बरे को आख़री हद मान बैठे हो मोहब्बत संग-ए-मरमर के अलावा भी बहुत कुछ है
Zubair Ali Tabish
126 likes
मैं जब मर जाऊँ तो मेरी अलग पहचान लिख देना लहू से मेरी पेशानी पे हिंदुस्तान लिख देना
Rahat Indori
125 likes
मिले किसी से गिरे जिस भी जाल पर मेरे दोस्त मैं उस को छोड़ चुका उस के हाल पर मेरे दोस्त ज़मीं पे सबका मुक़द्दर तो मेरे जैसा नहीं किसी के साथ तो होगा वो कॉल पर मेरे दोस्त
Ali Zaryoun
157 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
More from Arman Habib
ये दुनिया चाहती है हर किसी से फ़ायदा अपना बिना मतलब किसी पर यूँ इनायत कौन करता है
Arman Habib
0 likes
रख दिए होंठ होंठों पे तुम ने देख लो अब शुगर बढ़ गया है
Arman Habib
0 likes
मियाँ मुझ को सवारी देखनी है पिया की मेहरबानी देखनी है अभी से आँख भीगी जा रही है अभी तो उस की शादी देखनी है
Arman Habib
0 likes
सुकूँ घाटों पे ऐसा है कि फ़ारस भूल जाऊँ मैं मगर मुमकिन नहीं है ये बनारस भूल जाऊँ मैं
Arman Habib
0 likes
ख़ुद से कर ली है दुश्मनी हम ने तोड़ कर के ये आशिक़ी हम ने हम ने सिगरेट तो नहीं फूँकी फूँक डाली ये ज़िन्दगी हम ने
Arman Habib
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Arman Habib.
Similar Moods
More moods that pair well with Arman Habib's sher.







