ये दुनिया चाहती है हर किसी से फ़ायदा अपना बिना मतलब किसी पर यूँ इनायत कौन करता है
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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मेरी दुनिया उजड़ गई इस में तुम इसे हादसा समझते हो आख़िरी रास्ता तो बाक़ी है आख़िरी रास्ता समझते हो
Himanshi babra KATIB
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भीगीं पलकें देख कर तू क्यूँँ रुका है ख़ुश हूँ मैं वो तो मेरी आँख में कुछ आ गया है ख़ुश हूँ मैं वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुख की बात थी अब मेरे पहलू में आ कर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं
Zubair Ali Tabish
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दुख अपना अगर हम को बताना नहीं आता तुम को भी तो अंदाज़ा लगाना नहीं आता
Waseem Barelvi
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तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
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सुकूँ घाटों पे ऐसा है कि फ़ारस भूल जाऊँ मैं मगर मुमकिन नहीं है ये बनारस भूल जाऊँ मैं
Arman Habib
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रख दिए होंठ होंठों पे तुम ने देख लो अब शुगर बढ़ गया है
Arman Habib
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तेरी क़समें तेरे वा'दे तेरी बाहें तेरी यादें सभी मिल कर बताते हैं तेरा किरदार झूठा है
Arman Habib
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मैं पर्वत हूँ मगर मैं एक वादी छोड़ आया हूँ मुहब्बत में तिरे मैं शाह-ज़ादी छोड़ आया हूँ
Arman Habib
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ग़रीबी चीख़ती फिरती है हर इक मोड़ पर लेकिन यहाँ हर कान बहरा है यहाँ हर दिल ही पत्थर है
Arman Habib
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