ग़रीबी चीख़ती फिरती है हर इक मोड़ पर लेकिन यहाँ हर कान बहरा है यहाँ हर दिल ही पत्थर है
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अकेलेपन से कहाँ तालमेल होता है खिलाड़ी इश्क़ में दो हों तो खेल होता है न लेना इश्क़ के पर्चे में सौ से कम नंबर यहाँ निनानवे वाला भी फेल होता है
Rehman Faris
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तुम मेरी पहली मोहब्बत तो नहीं हो लेकिन मैं ने चाहा है तुम्हें पहली मोहब्बत की तरह
Wasi Shah
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ये जो हिजरत के मारे हुए हैं यहाँ अगले मिसरे पे रो के कहेंगे कि हाँ
Ali Zaryoun
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मुसाफ़िर हैं हम भी मुसाफ़िर हो तुम भी किसी मोड़ पर फिर मुलाक़ात होगी
Bashir Badr
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रक़ीब आ कर बताते हैं यहाँ तिल है वहाँ तिल है हमें ये जानकारी थी मियाँ पहले बहुत पहले
Anand Raj Singh
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ये दुनिया चाहती है हर किसी से फ़ायदा अपना बिना मतलब किसी पर यूँ इनायत कौन करता है
Arman Habib
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तेरी क़समें तेरे वा'दे तेरी बाहें तेरी यादें सभी मिल कर बताते हैं तेरा किरदार झूठा है
Arman Habib
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मियाँ मुझ को सवारी देखनी है पिया की मेहरबानी देखनी है अभी से आँख भीगी जा रही है अभी तो उस की शादी देखनी है
Arman Habib
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सुकूँ घाटों पे ऐसा है कि फ़ारस भूल जाऊँ मैं मगर मुमकिन नहीं है ये बनारस भूल जाऊँ मैं
Arman Habib
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अव्वल-अव्वल उस का हँसता चेहरा देखा जा सकता है इक ही लम्हे में फिर मौसम अच्छा देखा जा सकता है दिलकश चेहरा मय-कश आँखें बिखरी ज़ुल्फ़ों से तुम निकलो देखो तो फिर दो आँखों से दुनिया देखा जा सकता है
Arman Habib
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