अव्वल-अव्वल उस का हँसता चेहरा देखा जा सकता है इक ही लम्हे में फिर मौसम अच्छा देखा जा सकता है दिलकश चेहरा मय-कश आँखें बिखरी ज़ुल्फ़ों से तुम निकलो देखो तो फिर दो आँखों से दुनिया देखा जा सकता है
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हम ने दुनिया की तरफ़ देखा नहीं तुम को चाहा और कुछ सोचा नहीं
Aalok Shrivastav
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डर है घर में कैसे बोला जाएगा छोड़ो जो भी होगा देखा जाएगा मैं बस उस का चेहरा पढ़ कर जाऊँगा मेरा पेपर सब सेे अच्छा जाएगा
Vishal Singh Tabish
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
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क़स में, वादे, दरवाज़े तो ठीक हैं पर ख़ामोशी को तोड़ नहीं सकता हूँ मैं
Tanoj Dadhich
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मैं उस से ये तो नहीं कह रहा जुदा न करे मगर वो कर नहीं सकता तो फिर कहा न करे वो जैसे छोड़ गया था मुझे उसे भी कभी ख़ुदा करे कि कोई छोड़ दे ख़ुदा न करे
Tehzeeb Hafi
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सुकूँ घाटों पे ऐसा है कि फ़ारस भूल जाऊँ मैं मगर मुमकिन नहीं है ये बनारस भूल जाऊँ मैं
Arman Habib
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तेरी क़समें तेरे वा'दे तेरी बाहें तेरी यादें सभी मिल कर बताते हैं तेरा किरदार झूठा है
Arman Habib
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ये दुनिया चाहती है हर किसी से फ़ायदा अपना बिना मतलब किसी पर यूँ इनायत कौन करता है
Arman Habib
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ख़ुद से कर ली है दुश्मनी हम ने तोड़ कर के ये आशिक़ी हम ने हम ने सिगरेट तो नहीं फूँकी फूँक डाली ये ज़िन्दगी हम ने
Arman Habib
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मियाँ मुझ को सवारी देखनी है पिया की मेहरबानी देखनी है अभी से आँख भीगी जा रही है अभी तो उस की शादी देखनी है
Arman Habib
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