तुम मेरी पहली मोहब्बत तो नहीं हो लेकिन मैं ने चाहा है तुम्हें पहली मोहब्बत की तरह
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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तुम मिरी आँख के तेवर न भुला पाओगे अन-कही बात को समझोगे तो याद आऊँगा
Wasi Shah
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तेरे गले में जो बाँहों को डाल रखते हैं तुझे मनाने का कैसा कमाल रखते हैं
Wasi Shah
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माँगे तो अगर जान भी हँस के तुझे दे दें तेरी तो कोई बात भी टाली नहीं जाती
Wasi Shah
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ज़िन्दगी अब के मेरा नाम ना शामिल करना गर ये तय है कि यही खेल दोबारा होगा
Wasi Shah
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न तुम्हें होश रहे और न मुझे होश रहे इस क़दर टूट के चाहो मुझे पागल कर दो
Wasi Shah
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