मैं बार बार तुझे देखता हूँ इस डर से कि पिछली बार का देखा हुआ ख़राब न हो
Related Sher
माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
296 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
394 likes
मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
302 likes
More from Shaheen Abbas
तेरी ख़ुशबू को लुटाते हुए आते जाते बाक़ी बचता है जो इंसान कहाँ जाता है
Shaheen Abbas
0 likes
वो सामने था तो कम कम दिखाई देता था चला गया तो बराबर दिखाई देने लगा
Shaheen Abbas
0 likes
मुझ से आगे नज़र आने में ख़ुशी थी उस की मेरी ज़ंजीर से ज़ंजीर बड़ी थी उस की
Shaheen Abbas
0 likes
इक नक़्श हो न पाए इधर से उधर मेरा जैसा तुम्हें मिला था मैं वैसा जुदा करो
Shaheen Abbas
0 likes
हमें इतनी बड़ी दुनिया का पता थोड़ी था जहाँ हम तुम हुआ करते थे वहाँ रह गए हम
Shaheen Abbas
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Shaheen Abbas.
Similar Moods
More moods that pair well with Shaheen Abbas's sher.







