तेरी ख़ुशबू को लुटाते हुए आते जाते बाक़ी बचता है जो इंसान कहाँ जाता है
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चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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तेरी ख़ता नहीं जो तू ग़ुस्से में आ गया पैसे का ज़ो'म था तेरे लहजे में आ गया सिक्का उछालकर के तेरे पास क्या बचा तेरा ग़ुरूर तो मेरे काँसे में आ गया
Mehshar Afridi
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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तेरी ख़ुशबू को क़ैद में रखना इत्रदानों के बस की बात नहीं
Fahmi Badayuni
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मुझ से आगे नज़र आने में ख़ुशी थी उस की मेरी ज़ंजीर से ज़ंजीर बड़ी थी उस की
Shaheen Abbas
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वो सामने था तो कम कम दिखाई देता था चला गया तो बराबर दिखाई देने लगा
Shaheen Abbas
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वो इस तरह से मुझे देखता हुआ गुज़रा मैं अपने आप को बेहतर दिखाई देने लगा
Shaheen Abbas
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इक नक़्श हो न पाए इधर से उधर मेरा जैसा तुम्हें मिला था मैं वैसा जुदा करो
Shaheen Abbas
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हमें इतनी बड़ी दुनिया का पता थोड़ी था जहाँ हम तुम हुआ करते थे वहाँ रह गए हम
Shaheen Abbas
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