मैं ख़ुद को बेहतर से भी बेहतर इक रोज़ बना लूँगी तुम भी देखोगे जब मैं मुट्ठी में चाँद छुपा लूँगी
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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निगाहें फेर ली घबरा के मैं ने वो तुम से ख़ूब-सूरत लग रही थी
Fahmi Badayuni
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प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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ज़ीस्त की थी जुस्तुजू अब भला हम क्या करें मौत का व्यापार था अब जिएँ या हम मरें सम्त सारी हैं कड़ी मुश्किलें 'सलमा' बड़ी मौत है अब आरज़ू ज़ीस्त का फिर क्या करें
Salma Malik
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ये ज़िन्दगी जीने को बस ज़िंदादिली सलमा ज़रूरी है ये बे-दिली तो आदमी को बे-दिली से मार देती है
Salma Malik
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तुम लड़के तो इश्क़ में पागल भी हो सकते हों हम लड़की तो इतनी ख़ुश-क़िस्मत भी नईं होती
Salma Malik
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तुम किस कदर अपनी अना में फिरते हो हम किस कदर तुम पर गुमाँ करते रहे
Salma Malik
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फिर हम ने दुबारा नहीं माँगा उसे 'सलमा' इक बार ख़ुदा हम सेे जिसे छीन चुका था
Salma Malik
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