मैं तुझ से मिलने समय से पहले पहुँच गया था सो तेरे घर के क़रीब आ कर भटक रहा हूँ
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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हमारा काम तो मौसम का ध्यान करना है और उस के बा'द के सब काम शश-जहात के हैं
Pallav Mishra
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ये जिस्म तंग है सीने में भी लहू कम है दिल अब वो फूल है जिस में कि रंग-ओ-बू कम है
Pallav Mishra
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तमाम होश ज़ब्त इल्म मस्लहत के बा'द भी फिर इक ख़ता मैं कर गया था माज़रत के बा'द भी
Pallav Mishra
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मैं तुझ सेे मिलने समय से पहले पहुँच गया था सो तेरे घर के क़रीब आ कर भटक रहा हूँ
Pallav Mishra
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मैं अपनी मौत से ख़ल्वत में मिलना चाहता हूँ सो मेरी नाव में बस मैं हूँ नाख़ुदा नहीं है
Pallav Mishra
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