मता-ए-जान अगर तुम मुझे इजाज़त दो तो इक गुलाब लगा दूँ तुम्हारी ज़ुल्फ़ों में
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
298 likes
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
563 likes
More from Shajar Abbas
ज़िंदगी उजड़े हुए घर की तरह लगती है बाप का साया अगर सर पे नहीं होता है
Shajar Abbas
0 likes
ज़िंदगी तो दर-ब-दर खिलवा रही थी ठोकरें मौत ने लो मंज़िल-ए-मकसूद पर पहुँचा दिया
Shajar Abbas
0 likes
ज़िंदगी से ख़ुश है कोई ज़िंदगी से तंग है हर किसी का ज़िंदगी जीने का अपना ढंग है मैं ने जो दुनिया को समझा तो मुझे आया समझ निस्फ़ है रंगीन दुनिया निस्फ़ ये बे-रंग है
Shajar Abbas
0 likes
ज़िंदगी को जो जाना तो ये जुज़ मिला ज़िंदगी दर्द है दर्द है ज़िंदगी
Shajar Abbas
0 likes
ज़ेहन के लब पे तिरा नाम है बस शाम-ओ-सहर नक़्श हैं चश्म पे अब तक तिरी तस्वीर के पाँव
Shajar Abbas
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Shajar Abbas.
Similar Moods
More moods that pair well with Shajar Abbas's sher.







