मैं किसी हुक्काम की दरबार का शाइ'र नहीं हूँ मन मिरा लगता नहीं है इस तरह की नौकरी में
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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जब लगे मुश्किल है यूँँ ही मुस्कुराना लौट आना जब लगे दुनिया है कोई क़ैद-ख़ाना लौट आना
AYUSH SONI
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बसा जो शख़्स आँखों में है ओझल क्यूँँ नहीं होता ये पहला इश्क़ ही अक्सर मुकम्मल क्यूँँ नहीं होता यहाँ शहरों में ऐवानों के साए ही मुयस्सर हैं यहाँ गाँवों के जैसा कोई पीपल क्यूँँ नहीं होता
AYUSH SONI
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मातम फ़रेब ज़ख़्म ग़म-ओ-रंज औ ज़हर ज़ालिम बता ये आशिक़ी ने और क्या दिया
AYUSH SONI
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ज़िक्र-ए-शब-ए-फ़िराक़ पे कहता था क्या हुआ कल रात उस के साथ भी ये हादसा हुआ
AYUSH SONI
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आँखों से रात भर यहाँ बहती है इक नदी मैं सुब्ह फ़स्लें सींचता हूँ उस के आब से
AYUSH SONI
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