मेरे आगे क़लम रखी थी और बंदूक़ें रक्खी थीं मैं ने इक दरवाज़ा खोला इक दरवाज़ा छोड़ दिया
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कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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मेरे अंदर से आ जाओ बाहर गहमा-गहमी है एक बदन में दो लोगों को कैसे घर ले जाऊँगा
nakul kumar
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उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है मिल जाए तो बात वगैरा करती है बारिश मेरे रब की ऐसी नेमत है रोने में आसानी पैदा करती है
Tehzeeb Hafi
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तेरे लगाए हुए ज़ख़्म क्यूँँ नहीं भरते मेरे लगाए हुए पेड़ सूख जाते हैं
Tehzeeb Hafi
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मैं ही छोटा हूँ सभी से उम्र और पैसे में घर में बस यही ग़लती है मेरी सो सभी रूठे हैं मुझ सेे
Piyush Paiham
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अँधियारों में चाँद अकेला होता है मतलब दुख में इंसाँ तन्हा होता है हाथों में वो पैसे ले कर बोली थी बोलो टूटे दिल का कितना होता है
Piyush Paiham
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जब भी तुझ पर ग़ुस्सा आया या फिर मुझ को प्यार आया मैं ने इक ख़त लिक्खा तुझ को और लिखकर के फाड़ दिया
Piyush Paiham
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दिल से बाहर ऐसे निकले रब ही जाने कैसे निकले तुम पर मैं ने यक़ीं किया था तुम भी सबके जैसे निकले
Piyush Paiham
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हम ने दुनिया को सुनाई थीं हमारी ख़्वाहिशें और फिर दुनिया हमारी जान लेने आ गई
Piyush Paiham
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