जब भी तुझ पर ग़ुस्सा आया या फिर मुझ को प्यार आया मैं ने इक ख़त लिक्खा तुझ को और लिखकर के फाड़ दिया
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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मेरे आगे क़लम रखी थी और बंदूक़ें रक्खी थीं मैं ने इक दरवाज़ा खोला इक दरवाज़ा छोड़ दिया
Piyush Paiham
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मैं ही छोटा हूँ सभी से उम्र और पैसे में घर में बस यही ग़लती है मेरी सो सभी रूठे हैं मुझ सेे
Piyush Paiham
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हम ने दुनिया को सुनाई थीं हमारी ख़्वाहिशें और फिर दुनिया हमारी जान लेने आ गई
Piyush Paiham
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इस बार कोई आँख का तारा न हो सका तुम सेे बिछड़ के प्यार दुबारा न हो सका देखा है मैं ने कितने ही माथों को चूम कर लेकिन तेरी तरह कोई प्यारा न हो सका
Piyush Paiham
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दरिया को वो गले लगाने निकला था लेकिन लहरों से वो साहिल टूट गया मुझ को पहली बार मुहब्बत करनी थी पहली बार में ही मेरा दिल टूट गया
Piyush Paiham
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