मेरे हालात पे दुनिया को तरस आता है बस मिरी आह को मैं ही नहीं सुन पाता हूँ
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मैं क्या कहूँ के मुझे सब्र क्यूँँ नहीं आता मैं क्या करूँँ के तुझे देखने की आदत है
Ahmad Faraz
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तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं एक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
Qateel Shifai
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तुम्हारे पाँव क़सम से बहुत ही प्यारे हैं ख़ुदा करे मेरे बच्चों की इन में जन्नत हो
Rafi Raza
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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हुई मुद्दत कि 'ग़ालिब' मर गया पर याद आता है वो हर इक बात पर कहना कि यूँँ होता तो क्या होता
Mirza Ghalib
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न इतनी पास है मंज़िल कि तय करें पैदल न इतनी दूर कि कोई सवारी मिल जाए
ADITYA TIWARI
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मिरी गली से गुज़रता हुआ कोई मासूम हरम को देख के भी हाथ जोड़ लेता है
ADITYA TIWARI
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दिए बना तो रहा हूँ मगर दुखी हूँ मैं दिए के होने का मतलब है रात फिर होगी
ADITYA TIWARI
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ऐसी नौबत न आए रिश्ते में तुझ सेे हारूँ तो हार हो मेरी
ADITYA TIWARI
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जल रही है आख़िरी चिंगारी जब तक राख में आप उस को राख कह कर आग मत भड़काइए
ADITYA TIWARI
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