मेरे हिस्से में आया इक ऐसा ग़म जिस के आगे लाखों ख़ुशियाँ भी हैं कम
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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ज़रा नज़दीक आ कर सुन मेरी इक बात ऐ उर्दू मेरी तहरीर बिन तेरे मुक़म्मल हो नहीं सकती
Avtar Singh Jasser
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ये दुनिया इस लिए ही मुझ को पागल कह रही है मेरी कश्ती जो तूफ़ाँ के मुक़ाबिल बह रही है
Avtar Singh Jasser
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तेरी आँखों ने दीवाना कर रखा है मंदिर जैसा दिल मयख़ाना कर रखा है
Avtar Singh Jasser
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उर्दू ज़बाँ से चाहतों का ये असर हुआ 'जस्सर' सुख़न मेरा हलावतों से तर हुआ
Avtar Singh Jasser
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मैं ने जस्सर उस को भी तो छोड़ दिया जिस की ख़ातिर सारी दुनिया छोड़ी थी
Avtar Singh Jasser
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