मिरे कुम्हार बता तू बटा बटा क्यूँ है किसी का है तो किसी से कटा कटा क्यूँ है मैं भी बना तिरी मिट्टी से हाथ से तेरे मिरा ही जिस्म बता फिर फटा फटा क्यूँ है
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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कहाँ ऐसे मरासिम थे कि कोई लौट के आता ख़िज़ाँ के फूल को ख़ूँ की नहीं अश्कों की हाजत थी
Sanjay Bhat
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ये रंगीन आँचल ये पुर नूर चेहरा खनक पायलों की ये चूड़ी का घेरा जहाँ तक भी देखो है ख़ुशबू तुम्हारी तुम्हारी चमक से है दिल में सवेरा
Sanjay Bhat
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ये किस तरह की मय-कशी है कौन सा इलाज है तुम्हें दवा भी चाहिए तो ज़हर के लिबास में
Sanjay Bhat
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रात पुरनम है तपती सहर चाहिए वो सहर अब मुझे पुरअसर चाहिए
Sanjay Bhat
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तेरे तेशे से गुज़र के है बनी ये मूरत चोट खा खा के बनी है ये चमकती सूरत
Sanjay Bhat
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