मेरे सय्याद को कोई बुला दे मेरे पिंजरे को तोडा जा रहा है
Related Sher
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
298 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
More from Vishal Bagh
दुआए माँगते हैं इसीलिए अपने उजड़ने की हमें तो यार तेरे हाथ से तामीर होना हैं
Vishal Bagh
27 likes
उम्र ये मेरी सिर्फ़ लबादा मेरे ख़द ओ ख़ाल का है मेरा दिल तो मुश्किल से कुछ सोलह सत्रह साल का है!
Vishal Bagh
28 likes
आज फिर कुफ़्र कमाया हम ने शोर को शे'र सुनाया हम ने
Vishal Bagh
28 likes
मिट्टी और पानी भी हमें नाप कर मिलते हैं तुम गमले में पालने को आसान समझते हो
Vishal Bagh
46 likes
बा'द उस के दिल-नगर फिर बस गया एहतिरामन इक गली वीरान है
Vishal Bagh
34 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Vishal Bagh.
Similar Moods
More moods that pair well with Vishal Bagh's sher.







