sherKuch Alfaaz

मेरे ज़ख़्म चीख़ के बताते हाल हैं उन्हें अपने कान से नहीं जो अपने दिल से बहरे हैं खोल देता हूँ मैं उन के आगे अपने सारे राज पर उन्हें तो लगता हैं ये सारे मेरे चेहरे हैं

Related Sher

ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं

Rahat Indori

484 likes

कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ

Ali Zaryoun

521 likes

शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे

Rahat Indori

435 likes

अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है

Abrar Kashif

221 likes

पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या

Mirza Ghalib

208 likes

More from Deep kamal panecha

वो पड़े इस बात पे हम सेे उलझ के आज दिन में आपने कैसे तो कैसे सुब्ह दूजा चाँद देखा

Deep kamal panecha

1 likes

ये नई चादर जो लाई जा रही है तेरे बिस्तर पे बिछाई जा रही है ख़ुश है ना तू ग़ैर रिश्ते में तभी बससज ये तेरी सजाई जा रही है

Deep kamal panecha

1 likes

क़लह ख़ामोश करने घर की मन के काले जाएँगे मुझे डस लेंगे लेकिन फिर भी बिच्छू पाले जाएँगे मिरे दुश्मन जो आ तो मैं गया ना अपनी करने पे जनाज़े को भी तेरे शानों के पड़ लाले जाएँगे

Deep kamal panecha

1 likes

मुझ को गिराने में यूँँ मशग़ूल मेरे अपने मुझ को गिराते ख़ुद अपने आप गिर गए हैं

Deep kamal panecha

1 likes

ये दिल है तेरा या मेरा ख़याल कुछ भी नहीं ये शाम है या सवेरा ख़याल कुछ भी नहीं याँ इक मैं हूँ जिस को तेरा ही है ख़याल फ़क़त वाँ इक तू है जिस को मेरा ख़याल कुछ भी नहीं

Deep kamal panecha

1 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Deep kamal panecha.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Deep kamal panecha's sher.