sherKuch Alfaaz

क़लह ख़ामोश करने घर की मन के काले जाएँगे मुझे डस लेंगे लेकिन फिर भी बिच्छू पाले जाएँगे मिरे दुश्मन जो आ तो मैं गया ना अपनी करने पे जनाज़े को भी तेरे शानों के पड़ लाले जाएँगे

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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं

Jaun Elia

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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा

Tehzeeb Hafi

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मैं किसी तरह भी समझौता नहीं कर सकता या तो सब कुछ ही मुझे चाहिए या कुछ भी नहीं

Jawwad Sheikh

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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है

Tehzeeb Hafi

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एक नज़र देखते तो जाओ मुझे कब कहा है गले लगाओ मुझे तुम को नुस्ख़ा भी लिख के दे दूँगा ज़ख़्म तो ठीक से दिखाओ मुझे

Zia Mazkoor

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ये नई चादर जो लाई जा रही है तेरे बिस्तर पे बिछाई जा रही है ख़ुश है ना तू ग़ैर रिश्ते में तभी बससज ये तेरी सजाई जा रही है

Deep kamal panecha

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ये दिल है तेरा या मेरा ख़याल कुछ भी नहीं ये शाम है या सवेरा ख़याल कुछ भी नहीं याँ इक मैं हूँ जिस को तेरा ही है ख़याल फ़क़त वाँ इक तू है जिस को मेरा ख़याल कुछ भी नहीं

Deep kamal panecha

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मेरे ज़ख़्म चीख़ के बताते हाल हैं उन्हें अपने कान से नहीं जो अपने दिल से बहरे हैं खोल देता हूँ मैं उन के आगे अपने सारे राज पर उन्हें तो लगता हैं ये सारे मेरे चेहरे हैं

Deep kamal panecha

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मैं ने माँगा फ़क़त अपने हक़ का ही है 'दीप' तो तेरे दर पे सवाली नहीं

Deep kamal panecha

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इश्क़ का बस यही तो मज़ा है हिज्र के बा'द मिलती क़ज़ा है मौत से ख़ौफ थोड़ी है, आए अब तो बे-इश्क़ ये ही रज़ा है

Deep kamal panecha

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