ये नई चादर जो लाई जा रही है तेरे बिस्तर पे बिछाई जा रही है ख़ुश है ना तू ग़ैर रिश्ते में तभी बससज ये तेरी सजाई जा रही है
Related Sher
मैं तेरे बा'द कोई तेरे जैसा ढूँढ़ता हूँ जो बे-वफ़ाई करे और बे-वफ़ा न लगे
Abbas Tabish
90 likes
तेरे सिवा भी कई रंग ख़ुश नज़र थे मगर जो तुझ को देख चुका हो वो और क्या देखे
Parveen Shakir
89 likes
मेरा अरमान मेरी ख़्वाहिश नहीं है ये दुनिया मेरी फ़रमाइश नहीं है मैं तेरे ख़्वाब वापस कर रहा हूँ मेरी आँखों में गुंजाइश नहीं है
Abrar Kashif
89 likes
ये उस की मोहब्बत है कि रुकता है तेरे पास वरना तेरी दौलत के सिवा क्या है तेरे पास
Zia Mazkoor
88 likes
कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
163 likes
More from Deep kamal panecha
निगाहों के सागरों से पानी छलक न जाए कहीं हमारा अज़ाब-ए-दिल पे न रोने का टूट ये न जाए यक़ीं हमारा तो शोख़ी तो देखो उन की वो बस हमारे ही वास्ते हैं ऐसे वो चारा-गर बन गए हैं अब पर इलाज करते नहीं हमारा
Deep kamal panecha
1 likes
वो पड़े इस बात पे हम सेे उलझ के आज दिन में आपने कैसे तो कैसे सुब्ह दूजा चाँद देखा
Deep kamal panecha
1 likes
ये दिल है तेरा या मेरा ख़याल कुछ भी नहीं ये शाम है या सवेरा ख़याल कुछ भी नहीं याँ इक मैं हूँ जिस को तेरा ही है ख़याल फ़क़त वाँ इक तू है जिस को मेरा ख़याल कुछ भी नहीं
Deep kamal panecha
1 likes
मेरे ज़ख़्म चीख़ के बताते हाल हैं उन्हें अपने कान से नहीं जो अपने दिल से बहरे हैं खोल देता हूँ मैं उन के आगे अपने सारे राज पर उन्हें तो लगता हैं ये सारे मेरे चेहरे हैं
Deep kamal panecha
1 likes
हम तो वो हैं कोई हम को चाहता ही है नहीं चाहते भी हम यही है कोई हम को चाहे ही न
Deep kamal panecha
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Deep kamal panecha.
Similar Moods
More moods that pair well with Deep kamal panecha's sher.







