निगाहों के सागरों से पानी छलक न जाए कहीं हमारा अज़ाब-ए-दिल पे न रोने का टूट ये न जाए यक़ीं हमारा तो शोख़ी तो देखो उन की वो बस हमारे ही वास्ते हैं ऐसे वो चारा-गर बन गए हैं अब पर इलाज करते नहीं हमारा
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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रंग की अपनी बात है वर्ना आख़िरश ख़ून भी तो पानी है
Jaun Elia
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तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
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वो पड़े इस बात पे हम सेे उलझ के आज दिन में आपने कैसे तो कैसे सुब्ह दूजा चाँद देखा
Deep kamal panecha
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रात भर जगने का उस सेे पूछें सबब आप का कर के दीदार जो सोया हो
Deep kamal panecha
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ये नई चादर जो लाई जा रही है तेरे बिस्तर पे बिछाई जा रही है ख़ुश है ना तू ग़ैर रिश्ते में तभी बससज ये तेरी सजाई जा रही है
Deep kamal panecha
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ये दिल है तेरा या मेरा ख़याल कुछ भी नहीं ये शाम है या सवेरा ख़याल कुछ भी नहीं याँ इक मैं हूँ जिस को तेरा ही है ख़याल फ़क़त वाँ इक तू है जिस को मेरा ख़याल कुछ भी नहीं
Deep kamal panecha
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हम तो वो हैं कोई हम को चाहता ही है नहीं चाहते भी हम यही है कोई हम को चाहे ही न
Deep kamal panecha
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