मेरी हर रात ख़ामोशी में गुज़री है दिल की भी बात ख़ामोशी में गुज़री है आज फिर से वही दिन यूँँ तन्हाई में और ये रात ख़ामोशी में गुज़री है
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
221 likes
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
More from Naviii dar b dar
ज़िन्दगी को यूँँ फिर आज़माने के बा'द कुछ भी तो अब नहीं है ज़माने के बा'द कैसे ख़ुद को भी दे अब तसल्ली यहाँ पे कैसे ग़म में है वो गुनगुनाने के बा'द
Naviii dar b dar
0 likes
ये ख़्वाबों की दुनिया बसाए हैं हम भी मुहब्बत ज़रा आज़माए हैं हम भी सजाए तो कैसे सजाए कोई ख़्वाब यहाँ मुफ़लिसी के सताए हैं हम भी
Naviii dar b dar
0 likes
मुझ को मौत भी आए तो कुछ इस तरह आए मेरी साँस ठहरी हो और ज़माना हो ग़म में
Naviii dar b dar
0 likes
यूँँ ज़िन्दगी के वास्ते भी कुछ नहीं किया ये सोचता है दिल तो उम्र के पड़ाव पर
Naviii dar b dar
0 likes
यूँँ तो ज़माने में अच्छी भी तर्बियत रखते हैं कुछ रौशन हो के भी अंधेरे की अहमियत रखते हैं कुछ हैं जानते क़द्र इंसा की दिल से होती यहाँ पर बस इस लिए अब भी दिल में इंसानियत रखते हैं कुछ
Naviii dar b dar
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Naviii dar b dar.
Similar Moods
More moods that pair well with Naviii dar b dar's sher.







