मेरी तकलीफ़ कौन समझेगा मुझ को तकलीफ़ ही नहीं कोई आँख से आब बह रही है और मुझ को अफ़सोस भी नहीं कोई
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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ज़िंदगी से तंग आ कर मौत से मैं जा मिला हूँ
Sabir Pathan
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ज़िंदगी बर्बाद कर के देख साबिर शे'र पर इरशाद कर के देख साबिर दर्द से है आश्ना हर ज़ख़्म तो फिर दर्द से दिल शाद कर के देख साबिर
Sabir Pathan
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ज़माने भर में शोहरत है तिरा लेकिन तुझे सब जानते हैं नाम से मेरे
Sabir Pathan
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वसवसे और हैं ज़माने में मर न जाऊँ उसे मनाने में नाम तेरा रटा किया हर दम याद करता रहा भुलाने में
Sabir Pathan
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ज़िंदगी ख़्वाब मत दिखाया कर है गुज़ारिश उदास लोगों की
Sabir Pathan
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