मिलने ख़ातिर ख़ूब दुआएँ करती है या'नी मुझ सेे मिल के चमकना चाहती है
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निगाहें फेर ली घबरा के मैं ने वो तुम से ख़ूब-सूरत लग रही थी
Fahmi Badayuni
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तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
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प्यार का रिश्ता ऐसा रिश्ता शबनम भी चिंगारी भी या'नी उन सेे रोज़ ही झगड़ा और उन्हीं से यारी भी
Ateeq Allahabadi
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कोई चादर वफ़ा नहीं करती वक़्त जब खींच-तान करता है
Unknown
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चुप रहते हैं चुप रहने दो राज़ बताओ खोले क्या बात वफ़ा की तुम करती हो बोलो हम कुछ बोले क्या उल्फ़त तो अफ़साना है तुम करती खूब सियासत हो हम भी हैं मक़बूल बहुत अब बोल किसी के होलें क्या
Anand Raj Singh
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कहो हमें भला बुरा या कुछ भी तुम यहाँ मगर कहे जो सच वो आइना भी पास हो
Lalit Mohan Joshi
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प्यार की सब को ही तलब है यहाँ तो पर कभी क्या भूखे को खाना मिला है
Lalit Mohan Joshi
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फ़र्द-ए-बशर हो तुम फ़क़त क्यूँँ बोलते हो तुम सक़त मग़रूर हो ख़ुद इल्म में ये ऐब क्यूँँ लाए फ़क़त
Lalit Mohan Joshi
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शोर अंदर मेरे बढ़ता जा रहा है चेहरे पे उस का ही ग़म अब छा रहा है क्या कहा ज़ख़्मी हो तुम तो वार से फिर फिर तुम्हें वो बे-वफ़ा क्यूँ भा रहा है
Lalit Mohan Joshi
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ये नज़र जो है तुम्हारी लड़कियों पर यार वो भी तो किसी की बेटियाँ हैं
Lalit Mohan Joshi
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