मिरे जुनूँ का नतीजा ज़रूर निकलेगा इसी सियाह समुंदर से नूर निकलेगा
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिंदुस्तान कहते हैं
Rahat Indori
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इस से पहले कि तुझे और सहारा न मिले मैं तिरे साथ हूँ जब तक मिरे जैसा न मिले
Afkar Alvi
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इसीलिए तो मैं रोया नहीं बिछड़ते समय तुझे रवाना किया है जुदा नहीं किया है
Ali Zaryoun
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उसी के चेहरे पे आँखें हमारी रह जाएँ किसी को इतना भी क्या देखना ज़रूरी है
Jyoti Azad Khatri
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मेरे पड़ोस में ऐसे भी लोग बसते हैं जो मुझ में ढूँड रहे हैं बुराइयाँ अपनी
Ameer Qazalbash
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इक परिंदा अभी उड़ान में है तीर हर शख़्स की कमान में है
Ameer Qazalbash
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महसूस कर रहा था उसे अपने आस पास अपना ख़याल ख़ुद ही बदलना पड़ा मुझे
Ameer Qazalbash
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तुम राह में चुप-चाप खड़े हो तो गए हो किस किस को बताओगे कि घर क्यूँँ नहीं जाते
Ameer Qazalbash
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उसी का शहर वही मुद्दई वही मुंसिफ़ हमें यक़ीं था हमारा क़ुसूर निकलेगा
Ameer Qazalbash
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