mere qabile mein talim ka riwaj na tha mere buzurg magar takhtiyan banate the
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा
Allama Iqbal
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हार हो जाती है जब मान लिया जाता है जीत तब होती है जब ठान लिया जाता है
Shakeel Azmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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जहाँ जो था वहीं रहना था उस को मगर ये लोग हिजरत कर रहे हैं
Liaqat Jafri
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मेरी जानिब न बढ़ना अब मोहब्बत मैं अब पहले से मुश्किल रास्ता हूँ
Liaqat Jafri
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कितना दुश्वार है जज़्बों की तिजारत करना एक ही शख़्स से दो बार मोहब्बत करना जिस को तुम चाहो कोई और न चाहे उस को इस को कहते हैं मोहब्बत में सियासत करना
Liaqat Jafri
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इश्क़ तू ने बड़ा नुक़सान किया है मेरा मैं तो उस शख़्स से नफ़रत भी नहीं कर सकता
Liaqat Jafri
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मैं बहुत जल्द लौट आऊँगा तुम मिरा इंतिज़ार मत करना
Liaqat Jafri
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