मुझे रहना वहाँ साया तुम्हारा है जहाँ माधव निगाहें खोजती तुम को छुपे हो तुम कहाँ माधव तुम्हारे होंठ बंसी के बसे दिल में सदा राधा मगर पैरों की रेणू है जहाँ मीरा वहाँ माधव
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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दो जहाँ की ज़िंदगी जीकर चले हैं दो घड़ी मरते-मरते फिर मुझे कुछ और मरने दीजिए
nakul kumar
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सर आँखों पर रखते उठा कर तब मुझे सब मंदिर में जलती काठ की गर राख होती
Dr Bhagyashree Joshi
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गवाही दे रहे हैं आँखों के काले घने घेरे तुम्हारी याद में कल रात भर जागी हुई हूँ मैं
Dr Bhagyashree Joshi
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कुछ होता यूँँ दहलीज़ की मैं ख़ाक होती तो रोज़ तेरे पैर छू कर पाक होती
Dr Bhagyashree Joshi
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दर्द को अपने छुपाता शा'इरी ग़ज़लों में जो आह में भी वाह सुनता सच में वो शहबाज़ है
Dr Bhagyashree Joshi
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वे सभी करने चले हैं ज़िन्दगी पर तब्सिरा जिन की ख़ुद की ज़िन्दगी में ही लगा नुक़्ता नहीं
Dr Bhagyashree Joshi
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