मुक़दमा जल्द ही उस पे करूँँगा हमारी आज कल सुनती नहीं जो
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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प्राण को देह से दूरी दे देगा कल राज्य धर्म ऐसी मजबूरी दे देगा कल एक धोबी ने अपराध तय कर दिया एक राजा भी मंज़ूरी दे देगा कल
Jatin shukla
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ज़रूरत हुक्म तो देती नहीं पर थकावट शाम को घर खींच लाती
Jatin shukla
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तू हुस्ना हुस्न को महफ़ूज़ रखना मैं आशिक़ हूँ नज़र से चूम लूँगा
Jatin shukla
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पूर्ण अधिकार जिस पर हमारा रहा एक मुखड़ा जो आँखों का तारा रहा एक लड़का बदन जिस का ब्याहा गया एक लड़का जो मन से कुँवारा रहा
Jatin shukla
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गुलशन से ही दूर करोगे फूलों को या'नी चकनाचूर करोगे फूलों को तितली से बिछड़ेंगे तो मर जाएँगे क्यूँ इतना मज़बूर करोगे फूलों को
Jatin shukla
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