मुकम्मल काम सारे कर लिए हैं हरे जो ज़ख़्म थे सब भर लिए हैं तुम्हें मेरी घुटन का क्या बताऊँ बड़े इल्ज़ाम अपने सर लिए हैं
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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मैं तो ये सोच भी नहीं सकता तेरे बिन तो मैं जी नहीं सकता हाथ में है तिरे लबों का जाम अपने होंटो को सी नहीं सकता
Ali Nazim Adam
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तिरी डोली उठेगी तो जनाज़ा तो उठेगा ही चलो मैं भी कफ़न पहनूँ चलो ख़ुद को सजा लो तुम
Ali Nazim Adam
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पहले तो उस को पढ़ाया बाप ने उस को पैरों पर जमाया बाप ने एक कर डाले थे अपने रात दिन धूप में ख़ुद को जलाया बाप ने
Ali Nazim Adam
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यार मुझ को आपसे अब तो मुहब्बत भी नहीं है और मुझ को मेरे घर से ये इजाज़त भी नहीं है आप तो कर भी नहीं सकते दुआ हक़ में हमारे मत करो अब आप को कोई ज़रूरत भी नहीं है
Ali Nazim Adam
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नहीं मुझ को कोई शिकवा नहीं कोई शिकायत है जिसे अपना बनाना है उसे अपना बना लो तुम
Ali Nazim Adam
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