न आए वो हमें मिलने न आया फ़ोन इक उन का हमारी ईद भी यारो मुहर्रम की तरह गुज़री
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कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़ किसी की आँख में हम को भी इंतिज़ार दिखे
Gulzar
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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वाक़िफ़ कहाँ ज़माना हमारी उड़ान से वो और थे जो हार गए आसमान से
Faheem Jogapuri
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रक़ीब आ कर बताते हैं यहाँ तिल है वहाँ तिल है हमें ये जानकारी थी मियाँ पहले बहुत पहले
Anand Raj Singh
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फिर उसी बे-वफ़ा पे मरते हैं फिर वही ज़िंदगी हमारी है
Mirza Ghalib
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ज़ख़्म ऐसा दो मुझे अब इश्क़ में, के नील ही पड़ जाए मेरे दिल के अंदर
Dipendra Singh 'Raaz'
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सितारा ही तो कहती थी मुझे तुम दुआएंँ माँग लो टूटा हुआ हूँ
Dipendra Singh 'Raaz'
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वो अपने ज़ेहन में रखती थी पहले मुझ को फिर वो मेरा नाम बनाती थी अपने हाथों पे
Dipendra Singh 'Raaz'
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वो इक गली जिसे छोड़ हुए मुझे बरसों न जाने क्यूँ मेरे ख़्वाबों में रोज़ आती है
Dipendra Singh 'Raaz'
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दिल मेरा छोड़ आया उस के पास उस से ताख़ीर से मिला था मैं
Dipendra Singh 'Raaz'
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