न मैं चल सका हूँ न ये जाँ थकी है ग़ज़ब कश्मकश में ये अब ज़िंदगी है सभी ये मुलाज़िम तेरे हो गए हैं मेरी इन निगाहों में बस बेबसी है
Related Sher
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
264 likes
माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
296 likes
More from Kashif Hussain Kashif
ज़ाहिद तेरे ख़याल में किस ने ख़लल है दी बाक़ी रहा ये दिल में कही बस मलाल है
Kashif Hussain Kashif
2 likes
उस ने जिस आजिज़ी में डाल दिया मेरा अपना ही तजरबा था कहीं
Kashif Hussain Kashif
2 likes
ये जिस्मों को तुम ने लिबासों में रख कर हया की है देखो क़सम झूठी खाई
Kashif Hussain Kashif
2 likes
उस की मर्ज़ी जिसे तवक़्क़ो दे ये तो बस एक है समाँ मेरा
Kashif Hussain Kashif
2 likes
मुझे तो सफ़र ये बताने लगा है ये सारा ज़माना ठिकाने लगा है
Kashif Hussain Kashif
2 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Kashif Hussain Kashif.
Similar Moods
More moods that pair well with Kashif Hussain Kashif's sher.







