नाच रहे सब सेे ये कह के फूल वो इन के पाज़ेब बनाती है
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डर है घर में कैसे बोला जाएगा छोड़ो जो भी होगा देखा जाएगा मैं बस उस का चेहरा पढ़ कर जाऊँगा मेरा पेपर सब सेे अच्छा जाएगा
Vishal Singh Tabish
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साथ चलते जा रहे हैं पास आ सकते नहीं इक नदी के दो किनारों को मिला सकते नहीं उस की भी मजबूरियाँ हैं मेरी भी मजबूरियाँ रोज़ मिलते हैं मगर घर में बता सकते नहीं
Bashir Badr
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प्यार का रिश्ता ऐसा रिश्ता शबनम भी चिंगारी भी या'नी उन सेे रोज़ ही झगड़ा और उन्हीं से यारी भी
Ateeq Allahabadi
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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ये जो मैं होश में रहता नहीं तुम सेे मिल कर ये मिरा इश्क़ है तुम इस को नशा मत समझो
Shakeel Azmi
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उस के बिन मर जाएँगे हम ने कहा था अब हो कोशिश क्यूँ? कि जब जीना ग़लत है
BR SUDHAKAR
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शा'इरी और नौकरी है दोनों ही मेरी ज़रूरत इक है दिल भरने को और इक पेट भरने के लिए है
BR SUDHAKAR
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ये रोब तू अब दोस्तों पे क्यूँ दिखाता है वो तुझ पे जब चिल्ला रही थी तब कहाँ था ये
BR SUDHAKAR
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कभी आएगा और सब कुछ मिटा देगा ये मुझ को भी जो छुप के बैठा है अंदर मेरे, बाहर नहीं आया
BR SUDHAKAR
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सोच रही है वो, आएँ हैं किस के तोहफ़े पहले भूल गई है मैं दिल दे चुका हूँ उसे सब सेे पहले
BR SUDHAKAR
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