नहीं ख़ुद को रखा उस ने किधर का भी उधर का भी रहा वो और इधर का भी
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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माना कि धागे पक्के हैं कच्चे नहीं कॉलेज के रिश्ते मगर टिकते नहीं ख़ूब-अच्छे से ये बात सुन ले हर कोई हम मुफ़्त मिल सकते हैं पर सस्ते नहीं
Aatish Indori
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मोहब्बत ने मुझे औक़ात दिखला दी ज़रूरी क्यूँँ है धन ये बात सिखला दी
Aatish Indori
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ताजमहल का गारा चूने से नहीं लहू से बनता था नींव में हम डलते हैं जिस सेे आप बड़े हो जाते हैं
Aatish Indori
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तिजोरी तो भरी लेकिन ठगाई भी की उस ने वफ़ा की ढेर लेकिन बेवफ़ाई भी की उस ने
Aatish Indori
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महज़ आशिक़ है दीवाने नहीं हैं वे जो मय-ख़ाने में बैठे हैं जो दीवाने हैं वे माशूक़ की बाँहों में वीराने में बैठे हैं
Aatish Indori
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