sherKuch Alfaaz

नहीं ये जानता उस की मोहब्बत में अगर तू रो रहा होगा नहीं मालूम जगके रातभर तू चैन अपना खो रहा होगा तेरी आँखों में दिखते हैं मुझे भी अब किसी की याद के साए मगर वो शख़्स तुझ को भूलके आख़िर कहीं अब सो रहा होगा

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तू ख़याल रख अपना मैं ख़याल रख लूँगा है तुझे मोहब्बत तो मैं मिसाल रख लूँगा मैं अगर तुझे दूँगा जो जवाब भी अपने तो तेरे भी होंठों पे मैं सवाल रख लूँगा

Umashankar Lekhwar

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वो घूमती मुझ को दिखी तो मैं सवालों में रहा थी तो वही मैं रातभर जिस के ख़यालों में रहा अब तक समेटे है कि ख़ुश्बू वो फ़िरे है हर दिशा वो एक दिन जो फूल बस कुछ देर बालों में रहा

Umashankar Lekhwar

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मैं ने पूछा आज ये मुझ सेे किस-किस को बर्बाद करोगे मैं तुम को बर्बाद करूँँगा तुम किस को आबाद करोगे अपने ही हाथों से उस ने जिस घर को आबाद किया है अब क्या तुम अपने हाथों से उस घर को बर्बाद करोगे

Umashankar Lekhwar

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तुझे मैं भूल जाऊँगा अगर बेहतर मिला कोई भुला तो दूँ तेरे ये लफ़्ज़ फिर भी वक़्त लगता है

Umashankar Lekhwar

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रहेगा अब अगर ग़म ज़िन्दगी भर तो रहेगा ये तेरा आशिक़ हुआ मैं बस तेरी आदत न हो पाया

Umashankar Lekhwar

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