sherKuch Alfaaz

वो घूमती मुझ को दिखी तो मैं सवालों में रहा थी तो वही मैं रातभर जिस के ख़यालों में रहा अब तक समेटे है कि ख़ुश्बू वो फ़िरे है हर दिशा वो एक दिन जो फूल बस कुछ देर बालों में रहा

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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे

Rahat Indori

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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ

Ali Zaryoun

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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है

Faiz Ahmad Faiz

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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो

Tehzeeb Hafi

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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ

Jaun Elia

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तू ख़याल रख अपना मैं ख़याल रख लूँगा है तुझे मोहब्बत तो मैं मिसाल रख लूँगा मैं अगर तुझे दूँगा जो जवाब भी अपने तो तेरे भी होंठों पे मैं सवाल रख लूँगा

Umashankar Lekhwar

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रूठ सा गया है कुछ मुझ सेे ये नज़ारा भी रह गया न ख़्वाबों में अब मेरे सितारा भी वो है चाँद जिस सेे है ये मेरा जहाँ रौशन मैं चमक भी जाऊँ तो बन सकूँ न तारा भी

Umashankar Lekhwar

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रहेगा अब अगर ग़म ज़िन्दगी भर तो रहेगा ये तेरा आशिक़ हुआ मैं बस तेरी आदत न हो पाया

Umashankar Lekhwar

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कहा तो है कि अब कोई शिकायत ही नहीं होगी सितम ये है कि आख़िर बात उन सेे भी नहीं होगी किसे पूछें कि आख़िर अब उन्हें क्या चाहिए हम सेे कहा तो है मुलाक़ातें कि उन सेे भी नहीं होगी

Umashankar Lekhwar

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सजाया तो उसे होगा मगर अब ये तमन्ना है निहारूँ मैं उसे फिर आज रंगों से सजाकर के

Umashankar Lekhwar

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