नख़रे उन ख़्वाबों के बड़े होंगे जिन को वो रोज़ देखती होगी
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उठाओ कैमरा तस्वीर खींच लो इन की उदास लोग कहाँ रोज़ मुस्कराते हैं
Malikzada Javed
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कोई हसीन बदन जिन की दस्तरस में नहीं यही कहेंगे कि कुछ फ़ाएदा हवस में नहीं
Umair Najmi
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कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगे जाने कैसे लोग वो होंगे जो उस को भाते होंगे
Jaun Elia
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हिम्मत, ताकत, प्यार, भरोसा जो है सब इनसे ही है कुछ नंबर हैं जिन पर मैं ने अक्सर फोन लगाया है
Pratap Somvanshi
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नज़र आए न तू जिन को परेशानी से मरते हैं जो तुझ को देख लेते हैं वो हैरानी से मरते हैं
Varun Anand
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'हर्ष' वस्ल में जितनी मर्ज़ी शे'र कह लो तुम हिज्र के बिना इन में जान आ नहीं सकती
Harsh saxena
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हम ने सँभाल रक्खे हैं अपनी तिज़ोरी में उस के दिए वो तोहफ़े नहीं हैं ख़ज़ाने हैं
Harsh saxena
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दुनिया के भरम को कुछ यूँँ तोड़ दिया मैं ने इस बार नसीबों का रुख़ मोड़ दिया मैं ने
Harsh saxena
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वो भी इक दौर था कि सावन में झूले पड़ते थे घर के आँगन में
Harsh saxena
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बेवफ़ाई ने तिरी मुझ को दिया है ये हुनर बस यार दुनिया में कहाँ हर भाग्य में ये फ़न लिखा है
Harsh saxena
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