नज़र के सामने है खोजती जिस को नज़र तेरी ज़रा ख़ुद को जगाओ और बोलो देखने को सच
Related Sher
तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
130 likes
तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं एक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
Qateel Shifai
125 likes
वो मुझ को छोड़ के जिस आदमी के पास गया बराबरी का भी होता तो सब्र आ जाता
Parveen Shakir
107 likes
उलझ कर के तेरी ज़ुल्फ़ों में यूँँ आबाद हो जाऊँ कि जैसे लखनऊ का मैं अमीनाबाद हो जाऊँ मैं यमुना की तरह तन्हा निहारूँ ताज को कब तक कोई गंगा मिले तो मैं इलाहाबाद हो जाऊँ
Ashraf Jahangeer
101 likes
चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
555 likes
More from Nainsee Gupta 'Nayantara'
ज़िंदगी जी नहीं जाती ऐसे मौत इक रोज़ बोली गले लग
Nainsee Gupta 'Nayantara'
1 likes
ज़ख़्म नासूर है और दवा भी वही हर्फ़ ढाई मगर ज़िंदगी है मेरी
Nainsee Gupta 'Nayantara'
1 likes
नहीं की दोस्ती मैं ने किसी गुल से सितारों से कि हिस्से जो मिरे आए सभी वो दोस्त मुझ में थे
Nainsee Gupta 'Nayantara'
2 likes
मानो मेरी बात तुम इक हूँ नदी सूखी हुई मैं
Nainsee Gupta 'Nayantara'
2 likes
सोचते हम रहे आगे क्या अब करें आँखें रोने लगी मेरी हँसते हुए
Nainsee Gupta 'Nayantara'
3 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Nainsee Gupta 'Nayantara'.
Similar Moods
More moods that pair well with Nainsee Gupta 'Nayantara''s sher.







