निशाँ मिटता नहीं "जस्सर" तुम्हारा कोई पत्थर है शायद दिल हमारा
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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उर्दू ज़बाँ से चाहतों का ये असर हुआ 'जस्सर' सुख़न मेरा हलावतों से तर हुआ
Avtar Singh Jasser
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तुझ से दूर हुआ तो ये मालूम हुआ ख़ुद से कितना दूर निकल आया था मैं
Avtar Singh Jasser
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ये दुनिया इस लिए ही मुझ को पागल कह रही है मेरी कश्ती जो तूफ़ाँ के मुक़ाबिल बह रही है
Avtar Singh Jasser
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ज़रा नज़दीक आ कर सुन मेरी इक बात ऐ उर्दू मेरी तहरीर बिन तेरे मुक़म्मल हो नहीं सकती
Avtar Singh Jasser
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मेरी क़िस्मत में बरबादियाँ थीं अज़ल से ही लिक्खी हुईं तुझ से जस्सर करूँँ क्या गिला तू फ़क़त इक बहाना हुआ
Avtar Singh Jasser
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