sherKuch Alfaaz

परिंदे लड़ ही पड़े जाएदाद पर आख़िर शजर पे लिक्खा हुआ है शजर बराए-फ़रोख़्त

Afzal Khan24 Likes

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महीनों फूल भिजवाने पड़े थे वो पहली बार जब रूठा था मुझ से

Varun Anand

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नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी

Jaun Elia

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भरे हुए जाम पर सुराही का सर झुका तो बुरा लगेगा जिसे तेरी आरज़ू नहीं तू उसे मिला तो बुरा लगेगा ये आख़िरी कंपकंपाता जुमला कि इस तअ'ल्लुक़ को ख़त्म कर दो बड़े जतन से कहा है उस ने नहीं किया तो बुरा लगेगा

Zubair Ali Tabish

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आख़िर को हँस पड़ेंगे किसी एक बात पर रोना तमाम उम्र का बे-कार जाएगा

Khursheed Rizvi

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अच्छे शे'र सुनाने वाले लड़के सुन अच्छे शाइ'र तन्हा ही रह जाते हैं

Ritesh Rajwada

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