फिर हुआ है वही जिस का डर था मुझे अबकी बारिश जो आई तो घर ढह गया
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन उसे इक ख़ूब-सूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा
Sahir Ludhianvi
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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तुम्हें वा'दा निभाना था अजल तक साथ जाना था किनारे आज बैठे हैं हमें तो डूब जाना था तुम्हें समझाऊॅं कितना मैं कहा कुछ भी न माना था ये तुम ने क्यूँ बचाया है उसे मुझ को डुबाना था
Manish Yadav
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मैं चाह के हर दर्द मिटा भी नहीं सकता कुछ दर्द हैं ऐसे जिन्हें रखना है सजा के
Manish Yadav
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चमक फीकी थी लेकिन तेरे आने से हुआ रौशन है देखो मेरा घर तुझ सेे
Manish Yadav
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सताते हैं ख़याल अब तेरे सारा दिन गुज़र जाती है यूँॅं ही रात रोने में
Manish Yadav
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तू कहता छोड़ कर आता तिरी जानिब तिरा साया ही काफ़ी था सफ़र ख़ातिर
Manish Yadav
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