फिर से मौक़ा' दे ज़िंदगी मुझ को ठीक से मुस्कुरा नहीं पाया
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कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
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तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है ना दोस्ती मुझ सेे है और प्यार कोई और है ना
Ali Zaryoun
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नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
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अब इन जले हुए जिस्मों पे ख़ुद ही साया करो तुम्हें कहा था बता कर क़रीब आया करो मैं उस के बा'द महिनों उदास रहता हूँ मज़ाक में भी मुझे हाथ मत लगाया करो
Tehzeeb Hafi
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मैं ने जो कुछ भी सोचा हुआ है, मैं वो वक़्त आने पे कर जाऊँगा तुम मुझे ज़हर लगते हो और मैं किसी दिन तुम्हें पी के मर जाऊँगा
Tehzeeb Hafi
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ये तू किस शक्ल में आया है क़ासिद बशारत रास्ते में मर गई क्या?
Sohil Barelvi
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ये समुंदर भी ख़ाली कर दूँगा एक क़तरा तो पी लिया मैं ने
Sohil Barelvi
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यूँँ तो दुनिया में बेकल रहे हैं हौसले से मगर चल रहे हैं
Sohil Barelvi
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ये जन्म-दिन का दिन तो नहीं है मगर हबीब ऐसी दुआएँ दे कि यही जन्म-दिन लगे
Sohil Barelvi
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तुम्हारा शहर तो आया है फिर भी मेरी गाड़ी बराबर चल रही है
Sohil Barelvi
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