फूल गुल शम्स-ओ-क़मर सारे ही थे पर हमें उन में तुम्हीं भाए बहुत
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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शाम से कुछ बुझा सा रहता हूँ दिल हुआ है चराग़ मुफ़्लिस का
Meer Taqi Meer
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दिल वो नगर नहीं कि फिर आबाद हो सके पछताओगे सुनो हो ये बस्ती उजाड़ कर
Meer Taqi Meer
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टक गोर-ए-ग़रीबाँ की कर सैर कि दुनिया में उन ज़ुल्म-रसीदों पर क्या क्या न हुआ होगा
Meer Taqi Meer
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ओहदे से निकलें किस तरह आशिक़ एक अदा उस की है हज़ार-फ़रेब
Meer Taqi Meer
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'मीर' हम मिल के बहुत ख़ुश हुए तुम से प्यारे इस ख़राबे में मिरी जान तुम आबाद रहो
Meer Taqi Meer
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