फूल जैसे हसीन चेहरे से ज़ख़्म खाए तो शेर कहने लगे उस से बिछड़े तो रो न पाए हम रो न पाए तो शेर कहने लगे
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तुम बड़े अच्छे वक़्त पर आए आज इक ज़ख़्म की ज़रूरत थी
Zubair Ali Tabish
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हज़ार बर्क़ गिरे लाख आँधियाँ उट्ठें वो फूल खिल के रहेंगे जो खिलने वाले हैं
Sahir Ludhianvi
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"उस के हाथ में फूल है" मत कहिए, कहिए उस का हाथ है फूल को फूल बनाने में
Charagh Sharma
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फोन भी आया तो शिकवे के लिए फूल भी भेजा तो मुरझाया हुआ रास्ते की मुश्किलें तो जान लूँ आता होगा उस का ठुकराया हुआ
Balmohan Pandey
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लिख के उँगली से धूल पे कोई ख़ुद हँसा अपनी भूल पे कोई याद कर के किसी के चेहरे को रख गया होंठ फूल पे कोई
Sandeep Thakur
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ज़िंदगी को समझते थे तोहफ़ा ज़िंदगी तो मगर सज़ा निकली मैं ने जब चाहा तब नहीं आई मौत भी यार बे-वफ़ा निकली
Viru Panwar Viyogi
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ज़िंदगी इस तरह गुज़ारी है जैसे सर से बला उतारी है
Viru Panwar Viyogi
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उस के अहबाब बढ़ते जाते हैं मेरी तन्हाई बढ़ती जाती है
Viru Panwar Viyogi
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वैसे भी तुझे भूलना आसान नहीं है और फिर मुझे दिल से भी इजाज़त नहीं मिलती वो दिल जिसे आता है मोहब्बत को निभाना बस उस को ही दुनिया में मोहब्बत नहीं मिलती
Viru Panwar Viyogi
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ये उदास शाम और तेरी याद फ़ुर्क़तों के जाम और तेरी याद जान ही कहीं मेरी ले न जाए 'जौन' का कलाम और तेरी याद
Viru Panwar Viyogi
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