qatl ho to mera sa maut ho to meri si mere sogwaron mein aaj mera qatil hai today amongst my mourners, my murderer too grieves a death, a murder as was mine, all lovers should attain
Related Sher
हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
298 likes
कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
321 likes
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
तुम बहुत ख़ुश रहोगी मेरे साथ वैसे हर इक की अपनी मर्ज़ी है
Tehzeeb Hafi
357 likes
तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
331 likes
More from Ameer Qazalbash
मेरे पड़ोस में ऐसे भी लोग बसते हैं जो मुझ में ढूँड रहे हैं बुराइयाँ अपनी
Ameer Qazalbash
12 likes
इक परिंदा अभी उड़ान में है तीर हर शख़्स की कमान में है
Ameer Qazalbash
22 likes
आज की रात भी गुज़री है मिरी कल की तरह हाथ आए न सितारे तिरे आँचल की तरह
Ameer Qazalbash
31 likes
तुम राह में चुप-चाप खड़े हो तो गए हो किस किस को बताओगे कि घर क्यूँँ नहीं जाते
Ameer Qazalbash
19 likes
यकुम जनवरी है नया साल है दिसम्बर में पूछूँगा क्या हाल है
Ameer Qazalbash
38 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Ameer Qazalbash.
Similar Moods
More moods that pair well with Ameer Qazalbash's sher.







