क़ुबूल है मुझे इज़हार जो किया उस ने है शर्त बस कि न पूछे अतीत वो मेरा
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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मैं चाहता था मुझ सेे बिछड़ कर वो ख़ुश रहे लेकिन वो ख़ुश हुआ तो बड़ा दुख हुआ मुझे
Umair Najmi
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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मिरी ग़ज़ल की तरह उस की भी हुकूमत है तमाम मुल्क में वो सब से ख़ूब-सूरत है बहुत दिनों से मिरे साथ थी मगर कल शाम मुझे पता चला वो कितनी ख़ूब-सूरत है
Bashir Badr
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ये मानो या न मानो तुम मगर सच है यही देखो बिना मेरे तुम्हारा नाम तक पूरा नहीं होता
Rehaan
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शिकस्त-ए-दिल है ग़म ऐसा कहीं लज़्ज़त नहीं आती मिले कितने भी ता'ने फिर मगर ज़िल्लत नहीं आती गुमाँ है हुस्न पे उस को चढ़ा हमपे ख़ुमार-ए-इश्क़ उसे उल्फ़त नहीं आती हमें ग़ैरत नहीं आती
Rehaan
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था दौर क्या ख़ूब जब हुआ करते थे चमकता सितारा हम भी ये हादसा है कि फिर सितारे को चाँद से हो गई मोहब्बत
Rehaan
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न मिली नज़र कभी नज़रों से कभी उस सेे कुछ ही न बात की हूँ उदास फिर भी मैं देख के उसे साथ में किसी और के आज
Rehaan
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मिलना क़ुबूल तेरे होंठों से होंठ लेकिन होंठों के मिलने भर से मिलते नहीं हैं दो दिल
Rehaan
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