क़ुव्वत-ए-तनफ़्फ़ुस है मुज़्महिल रियाओं की कैसे पीके हम सिगरेट सारे ग़म धुआँ करते
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पागल कैसे हो जाते हैं देखो ऐसे हो जाते हैं
Ali Zaryoun
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कितने ऐश से रहते होंगे कितने इतराते होंगे जाने कैसे लोग वो होंगे जो उस को भाते होंगे
Jaun Elia
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कुछ नहीं होता है क़सम तोड़ो मैं ने सिगरेट जला के देख लिया
Shadab Javed
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नक़्शा ले कर हाथ में बच्चा है हैरान कैसे दीमक खा गई उस का हिन्दोस्तान
Nida Fazli
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मेरे अंदर से आ जाओ बाहर गहमा-गहमी है एक बदन में दो लोगों को कैसे घर ले जाऊँगा
nakul kumar
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ये फ़क़त माँग में भरने से शाज़ सिन्दूर हो जाता है
Milan Gautam
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उस ने माँगी ज़मीन-ए-मोहब्बत मिरी मैं भी उद्दीप्त उर का गगन दे चुका
Milan Gautam
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वो जिस की आँखों का दीवाना हूँ मैं उस के बिन दीवाना-पन भी ठीक नहीं
Milan Gautam
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या तो मुझ से वफ़ा निभाओ तुम या फिर मेरा काम-तमाम करो
Milan Gautam
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नशा करने में कोई भी कसर छोड़ी नहीं है मुझे अब तक तो उस को भूल जाना चाहिए था
Milan Gautam
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