rahbar rahzan na ban jae kahin is soch mein chup khada hun bhul kar raste mein manzil ka pata
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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सोचता हूँ कि उस की आख़िरी कॉल आख़िरी ही हुई तो क्या होगा
Fahmi Badayuni
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ये सोचते रहना मुझे पागल ही न कर दे ये सोचते रहना कि मैं पागल तो नहीं हूँ
Aamir Azher
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हद से टकराती है जो शय वो पलटती है ज़रूर ख़ुद भी रोएँगे ग़रीबों को रुलाने वाले
Arzoo Lakhnavi
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मोहब्बत वहीं तक है सच्ची मोहब्बत जहाँ तक कोई अहद-ओ-पैमाँ नहीं है
Arzoo Lakhnavi
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किस ने भीगे हुए बालों से ये झटका पानी झूम के आई घटा टूट के बरसा पानी
Arzoo Lakhnavi
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मोहब्बत नेक-ओ-बद को सोचने दे ग़ैर-मुमकिन है बढ़ी जब बे-ख़ुदी फिर कौन डरता है गुनाहों से
Arzoo Lakhnavi
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फिर चाहे तो न आना ओ आन बान वाले झूटा ही वअ'दा कर ले सच्ची ज़बान वाले
Arzoo Lakhnavi
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