रहे क़ाएम-ओ-दाइम अहद-ओ-पैमाँ पर कहाँ मिलते हैं ऐसे नस्ल-ए-आदम अब
Related Sher
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
368 likes
हम को नीचे उतार लेंगे लोग इश्क़ लटका रहेगा पंखे से
Zia Mazkoor
224 likes
More from A R Sahil "Aleeg"
ये वजूद-ए-इश्क़ तुझ को रब मिटाना ही पड़ेगा हुस्न के हाथों वफ़ा होता है रुस्वा देख हर पल
A R Sahil "Aleeg"
0 likes
ये पहेली अज़ल से उलझी है है बुरा हुस्न या है इश्क़ बुरा
A R Sahil "Aleeg"
0 likes
वगरना इश्क़ से मैं तो किया करता था नफ़रत कहानी में ज़बरदस्ती मुझे डाला गया है
A R Sahil "Aleeg"
0 likes
ये इश्क़ भी तो है रोलेट ऐक्ट सा जिस में कोई गवाह न कोई सुबूत सिर्फ़ सज़ा
A R Sahil "Aleeg"
0 likes
उस के झूठे इश्क़ को कर लेता मैं तस्लीम लेकिन उस का लहजा और इरादा बे-वफ़ाई से भरा था
A R Sahil "Aleeg"
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on A R Sahil "Aleeg".
Similar Moods
More moods that pair well with A R Sahil "Aleeg"'s sher.







