राजा मंडी में कल झुमके बिक रहे थे झुमकों को देख मुझे तेरी याद आई
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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ये पता चलता आज़माने पर कौन रोता है दूर जाने पर मैं अलग हूँ ज़रा ज़माने से मुस्कुराता हूँ मैं सताने पर
salman khan "samar"
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उस के क़रीब बैठ के ख़ामोश क्यूँँ रहा दिल चाहता था उस सेे ज़रा गुफ़्तगू करूँँ
salman khan "samar"
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सीकर में रह गया है मिरा एक और दिन आऊँगा लौट कर मैं तिरे पास आगरा
salman khan "samar"
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शादी में गुलाबी सी जो कुर्ती वो पहन ले दुनिया की निगाहें तो अटक जाए उसी पे
salman khan "samar"
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यूँँ टुकड़ों में दहलीज़ बना लेने से घर की दीवारें रौनक़ खो बैठी है
salman khan "samar"
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