रखा है कुछ न दुनिया में मिले झूठे मरासिम भी वो तो माँ साथ है तब जा के ख़ुर्रम ज़ीस्त है अपनी
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
545 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
508 likes
More from Abha sethi
ये ज़िन्दगी ग़मगीन है ले साध वो परवीन है
Abha sethi
0 likes
पाया न तुम्हें खो बैठे ख़ुद को ही हम पागल इस दिल ने भी की नादानी है
Abha sethi
0 likes
टूट के बिखरूँ तो सुकूँ मेरा तेरी ही बाँहों का बिछोना हो
Abha sethi
0 likes
ज़ुल्फ़ों में सजा मुझे लो अपनी तुम बना के गुल बन सदा-बहार मैं खिला रहूँगा साए में
Abha sethi
0 likes
यूँँ तो है दफ़्तर में काम बहुत फिर भी निकाल लेते वक़्त तसव्वुर का तेरे
Abha sethi
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Abha sethi.
Similar Moods
More moods that pair well with Abha sethi's sher.







